HomeFactsकैसे हुई कलियुग की शुरुवात ?| when and how did this kaliyuga...

कैसे हुई कलियुग की शुरुवात ?| when and how did this kaliyuga start

जैसा कि आप सब जानते है पुराणों मे चार युगो के बारे मे बताया गया है सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, और कलियुग पर पुराणों मे कलियुग को एक श्राप कहा जाता है पर क्या आप को पता है कैसे हुई कलियुग की शुरुवात ?| when and how did this kaliyuga start अगर नहीं तो मे आपको आज इस ब्लॉग मे बताऊंगा कि  कैसे हुई कलियुग की शुरुवात ?| when and how did this kaliyuga start 

एक बार फिर से आपका स्वागत है हमारे इस ब्लॉग मे तो आइये   शुरू करते है -:

कभी हमने इस बात पर ध्यान नहीं दिया है कि आखिर कलियुग की शुरुवात क्यूँ की गई है इस के पीछे का क्या कारण रहा है तो मे आपको बता दूँ कि महान आर्यभट्ट ने अपनी किताब आर्यभट्टम् मे यह उल्लेख किया है कि जब वह 23 साल के थे तो उस समय कलियुग का 3600 वां वर्ष चल रहा था records के अनुसार आर्यभट्ट का जन्म 436 ईसा पूर्व मे हुआ था तो इस हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो कलियुग की शुरुवात 3102 ईसा पूर्व मे हुई थी
इस युग मे धरती पर अधर्म की शुरुवात हो चुकी है एक इन्शान  दूसरे इन्शान पर कभी भरोसा नहीं करता है इस युग मे इन्शान मोह माया मे इतना लीन हो चुका है कि उसको कोई दान धर्म और ईश्वर भक्ति का समय ही नहीं मिलता है और शायद यही कारण है जिस लिए इस युग को कलयुग का नाम दिया गया है।

कलियुग की शुरुवात से जुड़ी हुई एक और कहानी-:

जब पांडव महाभारत का युद्ध जीत कर सारा राजपाट संभाल रहे थे तभी कुछ समय बाद पांडवो को व्यतित होता है कि इस दुनिया मे कुछ नहीं रखा है यह राजपाट सब मोह माया है तभी सारे भाईयो ने मिलकर सत्ता  त्याग दी और अपनी पत्नी   द्रौपदी के साथ मिल कर स्वर्ग की ओर प्रस्थान कर लिया और अपना सारा राजपाट राजा परीक्षित को सौंप दिया था । और माना जाता है कि उसी समय से कलयुग ने इस धरती पर अपने पैर जमाना शुरू कर दिया था ।

कैसे हुई कलियुग की शुरुवात

राजा परीक्षित बहुत ही धार्मिक किस्म के राजा थे उन्होंने अपने राज्य मे चारों ओर धर्म का प्रचार प्रसार करना शुरू कर दिया था । उस समय कलियुग उनके पास रोज़ आता और एक ही बात बोलता कि मुझे इस धरती पर रहने की जगह दे दो राजा परीक्षित मान जाते है और उसको इस धरती पर रहने की अनुमति दे देते है लेकिन एक शर्त पर कि वह सिर्फ उन्हीं मन मे रहे पायेगा जिन मन मे अधर्म होगा और जो सिर्फ लालच हवस और नफ़रत से भरे होंगे । कलियुग बहुत ही चालक था उसने उस समय उस शर्त को मान लिया और समय के साथ बड़ी चालकी से राजा परीक्षित के मन मे ही अपनी जगह बना ली और कुछ समय बाद ही राजा परीक्षित की मृत्यु हो गई और  धीरे धीरे कलियुग आगे चलता गया और इसी समय से कलियुग की शुरुवात हो गई थी

मै आशा करता हूँ कि आप सबको कैसे हुई कलियुग की शुरुवात ?| when and how did this kaliyuga start इस सवाल का जबाब मिल गया होगा ।
अगर जानकारी अच्छी लगी हो तो प्लीज इस ब्लॉग को अपने फ्रेंड के साथ शेयर कर दो
                                 धन्यवाद

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एक बार फिर से आपका स्वागत है हमारे इस ब्लॉग मे तो आइये   शुरू करते है -:

कभी हमने इस बात पर ध्यान नहीं दिया है कि आखिर कलियुग की शुरुवात क्यूँ की गई है इस के पीछे का क्या कारण रहा है तो मे आपको बता दूँ कि महान आर्यभट्ट ने अपनी किताब आर्यभट्टम् मे यह उल्लेख किया है कि जब वह 23 साल के थे तो उस समय कलियुग का 3600 वां वर्ष चल रहा था records के अनुसार आर्यभट्ट का जन्म 436 ईसा पूर्व मे हुआ था तो इस हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो कलियुग की शुरुवात 3102 ईसा पूर्व मे हुई थी इस युग मे धरती पर अधर्म की शुरुवात हो चुकी है एक इन्शान  दूसरे इन्शान पर कभी भरोसा नहीं करता है इस युग मे इन्शान मोह माया मे इतना लीन हो चुका है कि उसको कोई दान धर्म और ईश्वर भक्ति का समय ही नहीं मिलता है और शायद यही कारण है जिस लिए इस युग को कलयुग का नाम दिया गया है।

कलियुग की शुरुवात से जुड़ी हुई एक और कहानी-:

जब पांडव महाभारत का युद्ध जीत कर सारा राजपाट संभाल रहे थे तभी कुछ समय बाद पांडवो को व्यतित होता है कि इस दुनिया मे कुछ नहीं रखा है यह राजपाट सब मोह माया है तभी सारे भाईयो ने मिलकर सत्ता  त्याग दी और अपनी पत्नी   द्रौपदी के साथ मिल कर स्वर्ग की ओर प्रस्थान कर लिया और अपना सारा राजपाट राजा परीक्षित को सौंप दिया था । और माना जाता है कि उसी समय से कलयुग ने इस धरती पर अपने पैर जमाना शुरू कर दिया था ।

कैसे हुई कलियुग की शुरुवात

राजा परीक्षित बहुत ही धार्मिक किस्म के राजा थे उन्होंने अपने राज्य मे चारों ओर धर्म का प्रचार प्रसार करना शुरू कर दिया था । उस समय कलियुग उनके पास रोज़ आता और एक ही बात बोलता कि मुझे इस धरती पर रहने की जगह दे दो राजा परीक्षित मान जाते है और उसको इस धरती पर रहने की अनुमति दे देते है लेकिन एक शर्त पर कि वह सिर्फ उन्हीं मन मे रहे पायेगा जिन मन मे अधर्म होगा और जो सिर्फ लालच हवस और नफ़रत से भरे होंगे । कलियुग बहुत ही चालक था उसने उस समय उस शर्त को मान लिया और समय के साथ बड़ी चालकी से राजा परीक्षित के मन मे ही अपनी जगह बना ली और कुछ समय बाद ही राजा परीक्षित की मृत्यु हो गई और  धीरे धीरे कलियुग आगे चलता गया और इसी समय से कलियुग की शुरुवात हो गई थी

मै आशा करता हूँ कि आप सबको कैसे हुई कलियुग की शुरुवात ?| when and how did this kaliyuga start इस सवाल का जबाब मिल गया होगा । अगर जानकारी अच्छी लगी हो तो प्लीज इस ब्लॉग को अपने फ्रेंड के साथ शेयर कर दो                                  धन्यवाद